एक उपयोगी मुख्य बात
- स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए मेडिकल स्टोर को सीसीटीवी लगाने और **तीन महीने** तक फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।
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Gist केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी निगरानी को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत मालिकों को तीन महीने तक फुटेज सुरक्षित रखना होगा। इस विनियामक कदम का उद्देश्य बच्चों के बीच प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं, विशेष रूप से फार्मास्युटिकल ओपिओइड की अनधिकृत बिक्री और दुरुपयोग को रोकना है। जहां एक ओर विनियामक इन कैमरों को एक आवश्यक निवारक मानते हैं, वहीं केमिस्ट संघ भारी वित्तीय बोझ, ग्रामीण बुनियादी ढांचे की कमी और मरीजों की निजता के उल्लंघन का हवाला देते हुए इस आदेश का कड़ा विरोध कर रहे हैं। Background - भारत में दवाओं की खुदरा बिक्री औषधि और प्रसाधन सामग्री नियम, 1945 द्वारा शासित होती है, जो दवाओं को उनके जोखिम प्रोफाइल और आवश्यक विनियामक निगरानी के स्तर के आधार पर विशिष्ट "अनुसूचियों" में वर्गीकृत करता है। - केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन सीडीएससीओ फार्मास्युटिकल्स के लिए भारत का राष्ट्रीय विनियामक निकाय है, और इसकी औषधि परामर्शदात्री समिति औषधि कानूनों के एक समान कार्यान्वयन पर सरकार को सलाह देती है। - इस प्रस्ताव से पहले, लत लगाने वाली प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की अवैध बिक्री की निगरानी…
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