एक उपयोगी मुख्य बात
- 2025-26 में कर युक्तिकरण तत्काल कर आधार का विस्तार करने में विफल रहा, जिसके कारण 2026-27 की शुरुआत में वस्तु एवं सेवा कर संग्रह में संकुचन (-11%) और व्यक्तिगत आयकर संग्रह में शून्य उछाल दर्ज किया गया।
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Gist - राजकोषीय चुनौती 2026–27 : पश्चिम एशियाई संकट के बीच कर-दर युक्तिकरण और उच्च सब्सिडी के कारण सरकार को कम कर संग्रह का सामना करना पड़ रहा है। - राजस्व प्रतिक्रिया: नए उपकर, उच्च आयात शुल्क और गैर-कर राजस्व , विशेष रूप से भारतीय रिज़र्व बैंक के लाभांश पर निर्भरता। - समष्टि-आर्थिक प्रभाव: यह दर्शाता है कि कैसे बाह्य झटके और कर सुधार सम्मिलित रूप से राजकोषीय स्थिरता तथा केंद्र-राज्य राजकोषीय गतिशीलता को प्रभावित करते हैं। Background - केंद्र सरकार का राजकोषीय स्वास्थ्य उसकी राजस्व प्राप्तियों कर और गैर-कर और व्यय के बीच के संतुलन से निर्धारित होता है , जो वार्षिक बजट अनुमानों द्वारा निर्देशित होता है। - केंद्र द्वारा एकत्र किया गया कर राजस्व विभाज्य पूल बनाता है, जिसे अनुच्छेद 280 के तहत स्थापित संवैधानिक निकाय वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्यों के साथ साझा किया जाता है। उपकर और अधिभार को इस विभाज्य पूल से बाहर रखा जाता है। - 2026-27 से पहले, सरकार ने व्यक्तिगत आयकर और वस्तु एवं सेवा कर दोनों में व्यापक दर युक्तिकरण किया। इसका मुख्य आर्थिक आधार यह था…
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