एक उपयोगी मुख्य बात
- 'नमस्ते' योजना का शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण भारत में विस्तार किया जाएगा, जिसमें नाला सफाई कर्मियों और एसटीपी कर्मचारियों जैसे नए श्रमिकों को शामिल किया जाएगा।
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Gist - 'नमस्ते' का विस्तार: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय 'नमस्ते' को ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तारित करने और स्वच्छता श्रमिकों की अधिक श्रेणियों को शामिल करने का प्रस्ताव करता है। - एनसीएससी की चिंताएं: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग एनसीएससी ने हाथ से मैला ढोने वालों को दी जाने वाली पुनर्वास सब्सिडी की उच्च अस्वीकृति दर पर चिंता जताई है। - शासन का मुद्दा: यह योजना के विस्तार और अनसुलझे अंतिम-छोर तक वितरण/कार्यान्वयन संबंधी बाधाओं के बीच की खाई को उजागर करता है। Background - 2023-24 में शुरू की गई, 'नमस्ते' योजना एक केंद्रीय क्षेत्र की पहल है जिसका प्रशासन सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किया जाता है। - इसका प्राथमिक उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक सफाई को समाप्त करना है, जिससे इन श्रमिकों को मशीनीकृत विकल्पों की ओर ले जाकर स्वच्छता कर्मियों की मौतों को रोका जा सके। - यह योजना हाथ से मैला ढोने वालों और सीवर/सेप्टिक टैंक श्रमिकों एसएसडब्ल्यू को 50% तक की पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करके काम करती है, जिससे उन्हें मशीनीकृत सफाई उपकरण खरीदने और अपने स्वयं के स्वतंत्र स्वच्छता उद्यम शुरू करने…
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