एक उपयोगी मुख्य बात
- भारत के महापंजीयक जाति गणना के लिए एक खुले विकल्प वाले प्रश्न का उपयोग करेंगे, जिसका अर्थ है कि जातियों की कोई पूर्व-निर्धारित सूची नहीं है।
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Gist भारत के महारजिस्ट्रार Registrar General of India आगामी जनगणना के लिए एक 'खुले विकल्प वाली' Open-Ended कार्यप्रणाली पर विचार कर रहे हैं, जो नागरिकों को पूर्व-निर्धारित सूची के बिना अपनी जाति की स्व-घोषणा Self-Declaration करने की अनुमति देती है। इस दृष्टिकोण से लाखों ऐसी प्रविष्टियाँ उत्पन्न होने का जोखिम है जिनका मिलान करना कठिन होगा; इससे वर्ष 2011 की 'सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना' SECC की डेटा विफलताओं के दोहराव का ख़तरा बना हुआ है। सिविल सेवा परीक्षार्थियों के लिए, इस कार्यप्रणाली से जुड़े विवाद को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि सटीक जाति गणना ही सकारात्मक कार्रवाई Affirmative Action/आरक्षण नीतियों का बचाव करने और लक्षित उप-वर्गीकरण Sub-Categorization को लागू करने के लिए आवश्यक अनुभवजन्य डेटा Empirical Data प्रदान करती है। Background - संस्थागत जनादेश: दशकीय जनसंख्या गणना का संचालन गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत काम करने वाले महापंजीयक और जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा किया जाता है। - ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1931 की जनगणना व्यवस्थित रूप से सभी जाति समूहों को सारणीबद्ध करने वाला अंतिम जनसांख्यिकीय अभ्यास था, जिसमें ठीक 4,147 अलग-अलग जातियों की पहचान की गई थी, जबकि इसके…
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