एक उपयोगी मुख्य बात
- 25वीं भारत-ब्रिटेन रक्षा परामर्शदात्री समूह की बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई, जिसकी सह-अध्यक्षता दोनों देशों के रक्षा सचिवों ने की।
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Gist भारत और यूनाइटेड किंगडम ने हाल ही में द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा को गहरा करने के उद्देश्य से नई दिल्ली में अपनी 25वीं रक्षा परामर्शदात्री समूह की बैठक संपन्न की। भारत-ब्रिटेन विजन 2035 और उनके एक दशक लंबे रक्षा औद्योगिक रोडमैप द्वारा निर्देशित यह संवाद, रणनीतिक साझेदारी में एक स्पष्ट बदलाव का संकेत देता है। यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है: यह एक पारंपरिक क्रेता-विक्रेता संबंध से संयुक्त रक्षा उत्पादन और हिंद-प्रशांत में साझा समुद्री उद्देश्यों पर केंद्रित एक सहयोगी मॉडल में परिवर्तन को चिन्हित करता है। Background - संस्थागत तंत्र: रक्षा परामर्शदात्री समूह प्राथमिक संस्थागत ढांचे के रूप में कार्य करता है जो द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा सहयोग को निर्देशित करता है, जिसकी सह-अध्यक्षता आमतौर पर भारत और ब्रिटेन के रक्षा सचिवों द्वारा की जाती है। - वैश्विक समुद्री ढांचा: हिंद-प्रशांत महासागर पहल भारत द्वारा प्रस्तावित एक वैश्विक, खुली पहल है जो समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए है, और यह समुद्री पारिस्थितिकी तथा सुरक्षा जैसे सहयोगी स्तंभों पर आधारित है। - रक्षा संबंधों का विकास: ऐतिहासिक रूप से…
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