एक उपयोगी मुख्य बात
- कैग की ऑडिट इस बात पर प्रकाश डालती है कि ग्रीन इंडिया मिशन ने 1.4 मिलियन हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले केवल 0.11 मिलियन हेक्टेयर में वन गुणवत्ता में सुधार किया है।
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Gist नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कैग की हालिया प्रदर्शन ऑडिट से पता चलता है कि ग्रीन इंडिया मिशन वन बहाली और विस्तार के अपने एक दशक लंबे लक्ष्यों को पूरा करने में बुरी तरह विफल रहा है। पारिस्थितिक पुनरुद्धार पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, सरकारी प्रयास 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे सतही, संख्या-संचालित वृक्षारोपण अभियानों की ओर मुड़ गए हैं। उम्मीदवारों को गुणात्मक पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली से मात्रात्मक वृक्ष-गणना की ओर इस बदलाव पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह पेरिस समझौते की कार्बन सिंक प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की भारत की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है और घने, प्राकृतिक वनों के निरंतर क्षरण को छिपाता है। Background - ग्रीन इंडिया मिशन 2008 में शुरू की गई जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना के आठ प्रमुख स्तंभों में से एक है। - इसका प्राथमिक उद्देश्य पारिस्थितिक है - जो केवल पेड़ लगाने के बजाय जैव विविधता वृद्धि, जल संरक्षण, कार्बन पृथक्करण और आवास पुनरुद्धार पर केंद्रित है। - भारत ने पेरिस समझौते के तहत 2030 तक 2.5 बिलियन से 3 बिलियन टन का अतिरिक्त कार्बन…
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