एक उपयोगी मुख्य बात
- राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने चिकित्सा चिकित्सकों का पंजीकरण और चिकित्सा अभ्यास लाइसेंस (संशोधन) विनियम, 2026 का मसौदा पेश किया है।
ARTICLE PREVIEW
Gist राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग NMC ने एक एकीकृत पंजीकरण ढाँचे का प्रस्ताव दिया है, जो डॉक्टरों को एक ही विशिष्ट पहचान UID संख्या का उपयोग करके पूरे भारत में अभ्यास Practice करने की अनुमति देगा। पहले, चिकित्सा पेशेवरों को एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित होने पर नया पंजीकरण कराना पड़ता था, लेकिन यह नई प्रणाली एक केंद्रीकृत और सत्यापित राष्ट्रीय डेटाबेस बनाए रखते हुए इस दोहरेपन को समाप्त करती है। यह सुधार जहाँ एक ओर स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए प्रशासनिक बाधाओं को काफ़ी कम करता है, वहीं दूसरी ओर यह भी सुनिश्चित करता है कि राज्य परिषदों का प्राथमिक जाँच अधिकार बना रहे। Background - नियामक ढांचा: राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग कई स्वायत्त बोर्डों के माध्यम से संचालित होते हुए, चिकित्सा शिक्षा और अभ्यास के लिए भारत के सर्वोच्च नियामक निकाय के रूप में कार्य करता है। - रजिस्टर का रखरखाव: नीतिशास्त्र और चिकित्सा पंजीकरण बोर्ड , राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के तहत एक विशिष्ट स्वायत्त निकाय है जिसे सभी लाइसेंस प्राप्त चिकित्सा चिकित्सकों का एक राष्ट्रीय रजिस्टर बनाए रखने का अधिकार प्राप्त है। - पिछली बाधा: पारंपरिक ढांचे के…
आपका learner access जाँचा जा रहा है…
हम आपका session सुरक्षित रूप से restore कर रहे हैं। पूरा article अपने-आप खुल जाएगा।