एक उपयोगी मुख्य बात
- एग्रोफोटोवोल्टिक्स (एपीवी) एक ही भूमि का सौर ऊर्जा और खेती के लिए एक साथ उपयोग करने की अनुमति देता है, जो नवीकरणीय ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के बीच के टकराव को दूर करता है।
ARTICLE PREVIEW
Gist राजस्थान में किसानों के नेतृत्व वाली एक एग्रोफोटोवोल्टिक्स एपीवी पायलट परियोजना ने सक्रिय सौर संयंत्रों के नीचे मक्के की सफलतापूर्वक खेती की है, जो उस पारंपरिक मॉडल से अलग है जिसमें भूमि कृषि के लिए बंजर हो जाती है। यह दोहरे भूमि-उपयोग का ढांचा किसानों को फसल उत्पादन को रोके बिना निरंतर ऊर्जा आय प्राप्त करने में सक्षम बनाता है, जो नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों और खाद्य सुरक्षा के बीच चल रहे भूमि विवाद का एक व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करता है। सिविल सेवा के उम्मीदवारों के लिए, एपीवी पीएम-कुसुम जैसी पहलों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी अपग्रेड के रूप में कार्य करता है, जो यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों को पूरा करते हुए ग्रामीण आय को कैसे बढ़ाया जा सकता है। Background - एग्रोफोटोवोल्टिक्स की अवधारणा: इसे एग्रीवोल्टिक्स भी कहा जाता है, इसका तात्पर्य सौर बिजली उत्पादन और फसल की खेती दोनों के लिए एक ही भूमि के एक साथ उपयोग से है। - भूमि-उपयोग विवाद: जमीन पर लगाए जाने वाले मानक सौर पैनल सूरज की रोशनी को पूरी तरह से रोक देते हैं और उपजाऊ भूमि को…
आपका learner access जाँचा जा रहा है…
हम आपका session सुरक्षित रूप से restore कर रहे हैं। पूरा article अपने-आप खुल जाएगा।