एक उपयोगी मुख्य बात
- स्वतंत्र वायु शक्ति निर्णायक जीत के लिए तेजी से अपर्याप्त होती जा रही है, जैसा कि यूक्रेन और ईरान में देखा गया है।
ARTICLE PREVIEW
Gist हाल के वैश्विक संघर्षों ने यह प्रदर्शित किया है कि स्वतंत्र वायु श्रेष्ठता अब निर्णायक सैन्य जीत हासिल करने के लिए पर्याप्त नहीं है, जिससे पारंपरिक वायु सिद्धांतों पर संरचनात्मक पुनर्विचार के लिए विवश होना पड़ा है। भारतीय वायुसेना के लिए, यह बदलता प्रतिमान एकीकृत थिएटर कमांड के बजाय पूरी तरह से केंद्रीकृत अभियानगत लचीलेपन पर निर्भर रहने की अंतर्निहित कमजोरियों को उजागर करता है। यद्यपि इस लचीले मॉडल ने अतीत में पाकिस्तान को सफलतापूर्वक रोका है, लेकिन इसकी संरचनात्मक और संख्यात्मक सीमाएं इसे चीनी सेना की निरंतर युद्ध क्षमता के खिलाफ अत्यधिक जोखिम भरा बनाती हैं। सिविल सेवा के उम्मीदवारों को इस बदलाव को समझना चाहिए, क्योंकि थिएटर कमांड की ओर यह कदम भारत के संयुक्त-बल निर्माण और सीमा रक्षा रणनीति के मूलभूत भविष्य का प्रतिनिधित्व करता है। Background - थिएटराइजेशन की अवधारणा: इस रक्षा सुधार में कई सेवा-विशिष्ट कमांड की पारंपरिक प्रणाली को बनाए रखने के बजाय थल सेना, नौसेना और वायुसेना को एक एकीकृत, एकल भौगोलिक कमांडर के अधीन एकीकृत करना शामिल है। - भारतीय वायुसेना का पारंपरिक सिद्धांत: ऐतिहासिक रूप से, भारतीय वायुसेना ने संरचनात्मक…
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