एक उपयोगी मुख्य बात
- सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि **ईआईए अधिसूचना, 2006** के तहत पूर्व पर्यावरण मंजूरी (ईसी) एक अनिवार्य कानूनी आवश्यकता है।
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Gist 29 जुलाई 2026 को 'वनशक्ति बनाम भारत संघ' मामले में निर्णय सुनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व पर्यावरण मंजूरी Prior Environmental Clearance के बिना संचालित परियोजनाओं की नियामक स्थिति को स्पष्ट किया। न्यायालय ने कार्य-पश्चात नियमितीकरण Ex-post facto clearance के लिए मौजूदा प्रशासनिक तंत्र को रद्द कर दिया, लेकिन पुराने उल्लंघनों से निपटने के लिए एक सख्त, एकमुश्त वैधानिक ढाँचा तैयार करने की केंद्र सरकार की शक्ति को बरकरार रखा। अभ्यर्थियों के लिए यह मामला 'कार्यकारी आदेशों' Executive Orders और 'वैधानिक अधिसूचनाओं' Statutory Notifications के बीच के महत्त्वपूर्ण अंतर को रेखांकित करता है, साथ ही सख्त पर्यावरणीय अनुपालन को व्यावहारिक आर्थिक वास्तविकताओं के साथ संतुलित करने के न्यायपालिका के प्रयास को उजागर करता है। Background - पर्यावरण प्रभाव आकलन EIA अधिसूचना, 2006 के तहत, निर्दिष्ट क्षेत्रों में परियोजना प्रस्तावकों को निर्माण या संचालन शुरू करने से पहले पूर्व पर्यावरण मंजूरी ईसी प्राप्त करनी होगी। - ऐतिहासिक रूप से, नियामक अनिश्चितता या लापरवाही के कारण कई परियोजनाओं ने इस आवश्यकता को दरकिनार कर दिया। इन पुराने उल्लंघनों के समाधान के लिए, सरकार ने समय-समय पर नियमितीकरण के अवसर पेश किए,…
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