एक उपयोगी मुख्य बात
- पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली एक नई समिति गोरखाओं के लिए स्थायी राजनीतिक समाधान का मसौदा तैयार करेगी।
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Gist केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में गोरखा समुदाय की मांगों के "स्थायी राजनीतिक समाधान" के लिए एक समझौते का मसौदा तैयार करने हेतु एक समिति के गठन की घोषणा की है। इस घटनाक्रम का उद्देश्य पिछले स्वायत्त प्रबंधों से परे संवैधानिक समाधान तलाशकर गोरखालैंड के लिए दशकों पुरानी अलग राज्य की मांग का समाधान करना है। उम्मीदवारों को इस मुद्दे को समझना चाहिए क्योंकि यह स्व-शासन के लिए जातीय आकांक्षाओं और मौजूदा राज्यों की क्षेत्रीय अखंडता के बीच के टकराव को उजागर करता है। Background - दार्जिलिंग की पहाड़ियों और आसपास के उत्तर बंगाल के क्षेत्रों को काटकर एक अलग गोरखालैंड राज्य बनाने की मांग 1980 के दशक से सक्रिय है। - इन मांगों को संबोधित करने के लिए, सरकार ने पहले क्षेत्रीय स्वायत्त निकाय बनाए थे: 1988 में दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल और 2011 में गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन जीटीए । - ये प्रशासनिक परिषदें अंततः पहाड़ी आबादी की राजनीतिक अपेक्षाओं को पूरा करने में विफल रहीं, जिससे स्पष्ट संवैधानिक मान्यता, सुरक्षित पहचान और स्थायी समाधान की लगातार मांग होने लगी। Key Pointers - नवगठित समिति को कड़ाई से…
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