एक उपयोगी मुख्य बात
- केंद्र सरकार ने समय निर्धारण को मानकीकृत करने के लिए विधिक मापविज्ञान (भारतीय मानक समय) नियम, 2026 अधिसूचित किए।
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Gist केंद्र सरकार ने विधिक मापविज्ञान भारतीय मानक समय नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं, जिससे भारतीय मानक समय आईएसटी सभी कानूनी, प्रशासनिक और वाणिज्यिक प्रणालियों में अनिवार्य और एकमात्र संदर्भ बन गया है। यह कदम बैंकिंग, पावर ग्रिड और परिवहन नेटवर्क जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल बुनियादी ढांचे में समय निर्धारण का तुल्यकालन करता है, जिससे विभिन्न तथा अक्सर विदेशी समय स्रोतों पर उनकी निर्भरता समाप्त हो जाती है। उम्मीदवारों के लिए, यह डिजिटल संप्रभुता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत के तकनीकी ढांचे को असंगत या बाहरी टाइम स्टैम्प के कारण होने वाली कमजोरियों से सुरक्षित करता है। Background - उपभोक्ता मामले मंत्रालय विधिक मापविज्ञान ढांचे का प्रबंधन करता है, जो पूरे भारत में बाट और माप के मानकों को नियंत्रित करता है। - ऐतिहासिक रूप से, दूरसंचार, पावर ग्रिड और डिजिटल भुगतान नेटवर्क जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का संचालन करने वाले विभिन्न क्षेत्र कई स्वतंत्र समय स्रोतों पर निर्भर थे, जो काफी हद तक विदेशी उपग्रह-आधारित प्रणालियों पर आश्रित थे। - क्योंकि आधुनिक डिजिटल प्रणालियों को कार्यों के समन्वय और लेनदेन दर्ज करने के लिए उच्च सटीकता…
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